Wednesday, April 15, 2009

कम से कम चम्बल का मान तो बढ़ा

रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड की गत दिवस घोषणा हुई, तो यह जानकार सुखद आश्चर्य हुआ कि एक लाख रुपए के प्रतिष्ठित रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड फॉर हिन्दी प्रिंट कैटेगरी के अंतिम तीन नामांकन में अपनेराम का भी नाम था। यह अवार्ड स्थापित पत्रकार पुण्य प्रसून वाजपेयी को मिला है लेकिन अपनेराम को इससे ही संतोष है कि कम से कम चम्बल के बीहड़ों से घिरे ग्वालियर शहर में पत्रकारिता करने वाले किसी पत्रकार के नाम पर इंडियन एक्सप्रेस समूह के इस सम्मानित पुरस्कार के लिए विचार किया गया।
इस खबर की जानकारी लगने के बाद कई शुभचिंतकों के संदेश दूरभाष पर मिले हैं। उन सभी मित्रों का मैं तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं। मेरा विश्वास है कि कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। पहले प्रयास को ही इतनी ऊंचाईयां मिल गईं, चम्बल के मौड़ा के लिए तो यही पुरस्कार है। दैनिक भास्कर में सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर काम करने की जो आजादी हासिल है उससे इन पुरस्कारों की राह और आसान हो जाती है, इसलिए थैंक्स टीम भास्कर। वैसे इसी साल की शुरुआत में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से स्थापित पहला रतनलाल जोशी पत्रकारिता पुरस्कार अपनेराम को हासिल हुआ था। शायद अब अपनेराम की उम्र का कोई पत्रकार इस पुरस्कार को हासिल कर पाएगा, क्योंकि सरकार ने अब इसकी न्यूनतम आयुसीमा पचास साल कर दी है और अपनेराम ने तो अभी ३६ बसंत ही देखे हैं।

8 comments:

विष्णु बैरागी said...

लख-लख बधाइयां जी। यह क्रम निरन्‍तर और नियमित बना रहे।
शुभ-कामनाएं।

Mired Mirage said...

अपनेराम जी ग्वालियर के मौड़े को हमारी बधाई। ग्वालियर के साथ खट्टी मीठी बचपन की यादें जुड़ी हैं इसलिए और भी खुशी हुई। मेरे हिसाब से ग्वालियर की हिन्दी बहुत ही शुद्ध व उच्च श्रेणी की है सो आश्चर्य की कोई बात नहीं।
घुघूती बासूती

श्यामल सुमन said...

बधाई।

मुश्किलों से भागने की अपनी फितरत है नहीं।
कोशिशें गर दिल से हो तो जल उठेगी खुद शमां।।

सादर
श्यामल सुमन
09955373288

chandrashekhar HADA said...

बहुत सारी बधाइयाँ मनोज भाई.

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

चम्बल के इस सम्मान को चम्बल के नगर कोटा से बहुत बधाइयाँ।

Vikas said...

Aapko bahut bahut badhai ho...

mahesh said...

भाई को आज की बधाई!!!

sudarshan said...

sir kaise hain aapse to baat bhee nahin ho paati phon lagao to pata chalta hai ke aap bijee hain. maine bhee bhaskar chod diya hai kuch nahin mila to pipuls pakad liya. apne ko ajaad mahsoos kar raha hoon.